जागेश्वर न्यूज नेटवर्क

बरेली। प्रेमनगर थाना क्षेत्र में कुछ दिनों पहले सरकारी खाद्यान्न को अवैध रूप से दूसरे कट्टों में पलट कर बेचे जाने की सूचना जिला पूर्ति अधिकारी को मिली थी। सूचना पर जिला पूर्ति विभाग की एक टीम प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मौला नगर में पहुंची। जहां उन्हें सड़क पर खड़े छोटा हाथी में सरकारी खाद्यान्न (गेहूं/चावल) से भरे कट्टे छोटा हाथी में लदे हुए मिले थे। वहां मौजूद थाना बारादरी के गंगापुर निवास छोटा हाथी के चालक के पास टीम को खाद्यान्न के संबंध में जो प्रपत्र प्राप्त हुए। 

वह डेलापीर मंडी स्थित गोदाम से नकटिया जाने के लिए जारी किए गए थे। सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी करने के लिए उसको प्रेमनगर के मौलानगर में ले जाया गया था। वहां मौजूद ड्राइवर ने जिला पूर्ति विभाग की टीम को बताया कि वह गलती से इस रास्ते पर आ गया। जिसके बाद जिला पूर्ति विभाग की टीम ने डेलापीर स्थित गोदाम पर जाकर जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह खाद्यान्न को नकटिया ले जाया जाना था। इसके बाद जिला पूर्ति विभाग की टीम ने खाद्यान्न से लदे छोटा हाथी को प्रेमनगर थाने में खड़ा करवा दिया था। और जांच शुरू कर दी थी। विशेष सूत्र से प्राप्त जानकारी के मुताबिक इसी दौरान एक दलाल सक्रिय हुआ। जिसने जिला पूर्ति विभाग के बाबू से संपर्क साधा और मामला निपटने के लिए सौदेवाजी हुई। उसके बाद 80 हजार रूपए में मामला निपट गया। दलाल ने बाबू को 80 रुपए दे दिए। लेनदेन के इस पूरे घटनाक्रम में बताया जाता है कि लगभग दो घंटे का समय लगा। इसी दो घंटे की जांच में मामले को क्लीन चिट दे दी गई और खाद्यान्न को कालाबाजारी के लिए ले जाया गया। वही चर्चा यह भी है कि बाबू ने विभाग के अन्य कर्मचारी और अधिकारियों को केवल 40 हजार रुपए में मामला निपटने की बात बताई थी।