बरेली। नवाबगंज से नि.चेयरमैन शहला ताहिर की बेटी समन ने बसपा के हाथी पर सवार हो गई है। रविवार को समन ने अपने भाई के साथ बसपा कार्यालय पहुंचकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की है। उन्हें बसपा के मंडल कोआर्डिनेटर राजेश सागर, जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह ने बसपा मे शामिल कराया है। हालांकि उनकी मां नि.चेयरमैन शहला और पिता डा.ताहिर के बसपा ज्वाइन करने को लेकर रस्साकशी का दौर जारी है। क्योंकि समन के बसपा मे शामिल होने के दौरान उनके माता पिता बसपा कार्यालय पर नहीं पहुंचे थे।आये दिन एक न एक विवाद को लेकर हमेशा चर्चाओं मे रहने वाली शहला परिवार का नवाबगंज की सियासत मे पूर्व चेयरमैन और बीजेपी नेता रविंद्र सिंह राठौर से छत्तीस का आंकड़ा रहा है और नवाबगंज की राजनीति के लिए यह दोनों ही परिवार एक दूसरे के प्रतिद्वंदी माने जाते हैं।
प्रदेश मे भाजपा की सरकार आने के बाद से ही शहला के ऊपर ग्रहण लग गया और उन्हें तमाम उतार-चढ़ाव देखने पड़े। जिससे बचने के लिए उन्होंने बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के नेताओं से भी नजदीकियां बढ़ाने मे गुरेज़ नही समझा और अभी करीब 4 माह पहले ही शहला बेटी समन व परिवार सहित बीजेपी के एलायंस पार्टनर निषाद पार्टी मे शामिल हुई थीं। सूत्रों की माने तो शहला बीजेपी के सहयोगी निषाद पार्टी से चुनाव लड़ने के लिए नवाबगंज से टिकट चाह रही थींं। लेकिन बीजेपी नवाबगंज नगरपालिका सीट अपने सहयोगी को देने के लिए तैयार नहीं हुई और उसने एक बार फिर शहला के सियासी विरोधी रविंद्र राठौर के भाई नीरेंद्र राठौर की पत्नी को प्रत्याशी बनाया है। माना जा रहा है कि सियासत के दांव-पेच चलने मे माहिर नि.चेयरमैन शहला और उनके पति डा.ताहिर ने नवाबगंज मे बीजेपी को मात देने के मकसद से अपनी बेटी को बसपा मे शामिल कराया है।हालांकि बसपा नवाबगंज मे पहले ही डा.ताहिर के रिश्तेदार को सिंबल दे चुकी है। ऐसे मे नवाबगंज का टिकट बदलकर क्या बसपा शहला की बेटी को चुनाव मैदान मे उतारेगी? इस संबंध मे बसपा के जिलाध्यक्ष डा.जयपाल सिंह से फोन पर जानकारी ली गई तो उन्होंने समन द्वारा आवेदन देने के बाद आगे की रणनीति पर विचार करने की बात कही है। इसके अलावा बसपा के जिलाध्यक्ष ने डा.ताहिर के भी बसपा ज्वाइन करने की बात फोन पर बताई है।

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