जागेश्वर न्यूज नेटवर्क

बरेली। ऋषिकेश के प्रतिष्ठित नीलकंठ मंदिर के सेवादार को हवालात में बंद कर बेरहमी से पीटने का पुराना मामला फिर चर्चा में है। सीजीएम के आदेश पर तत्कालीन इंस्पेक्टर चेतराम वर्मा, दरोगा सज्जन सिंह, कांस्टेबल हिमांशु व अंकित समेत पांच लोगों पर बरेली के हाफिजगंज थाना में रिपोर्ट दर्ज की गई है। हाफिजगंज के गांव सिथरा निवासी अनिल वाल्मीकि ने रिपोर्ट में बताया है कि वह ऋषिकेश केसरी नीलकंठ महादेव मंदिर पर लगभग दो साल से सेवादार हैं। 29 जून को उनके परिवार की एक लड़की को परिचित व्यक्ति के रिश्तेदार ले गए थे। इसकी रिपोर्ट उनके परिवार ने हाफिजगंज थाने पर दर्ज कराई थी। आरोप है कि लड़की को तलाश करने के बाद पुलिस ने परिजनों से नहीं मिलने दिया। उन्होंने ऐतराज जताया तो पुलिस ने उल्टा उन्हीं को कुछ समय हवालात में बंद कर दिया। 25 अगस्त को जब वह ऋषिकेश से घर लौटे तो दूसरे पक्ष के लोग उन्हें देखकर हंसने लगे। फब्तियां कस रहे थे कि दूसरी लड़की को भी उठा ले जाएंगे, तुम कुछ नहीं कर पाओगे। कह रहे थे इंस्पेक्टर चेतराम हमारी बिरादरी के और दूर के रिश्तेदार हैं। आरोप है कि कुछ देर बाद दरोगा सज्जन सिंह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ आए और उन्हें पीटकर जीप में डालकर थाने ले गए। थानाध्यक्ष ने गाली देते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। कांस्टेबल अंकित व हिमांशु एक कमरे में ले गए और उन्हें बेंच पर क्रूरतापूर्वक लिटाकर पटे व डंडे से पीटा। फिर उन्हीं का शांतिभंग में चालान कर दिया। पैर की हड्डी भी टूट गई जिससे वह चलने में असमर्थ हो गया। आरोप है कि उनकी जेब में रखे 7500 रुपये, बस का टिकट आदि सामान सिपाहियों ने निकाल लिया। उन्होंने बड़े अफसरों से शिकायत की लेकिन किसी ने नहीं सुनी। थक हारकर उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।