जागेश्वर न्यूज नेटवर्क

बरेली। शबाना अब अरविंद सागर संग सात फेरे लेकर सनातनी शिवानी बन गईं। समुदाय व‍िशेष के बारे में बात करते हुए कहा क‍ि उस धर्म में महिलाओं का सम्मान नहीं हैं। तीन तलाक, हलाला जैसी कुरीतियां हैं, जिससे हर वक्त भविष्य की चिंता रहती है। आवाज उठाने पर महिलाओं को दबाया जाता है। इसी वजह से वह सनातनी बन गईं। शबाना मूलरूप से फरीदपुर के भगवंतापुर की निवासी हैं, जबकि अरविंद सागर पड़ोस के कैरुआ गांव के रहने वाले हैं। शबाना के माता-पिता नहीं हैं। वह नौ भाई-बहन हैं। अरविंद के भी पिता नहीं हैं। दो साल पहले अरविंद से राह चलते उनकी मुलाकात हुई। फिर बातचीत शुरू हो गई। दोनों ने एक होने का फैसला कर लिया। शबाना ने हिंदू धर्म में आस्था जताई और एक दिन अरविंद के साथ भगवान भोलेनाथ के मंदिर चलीं गईं। इस बात की जानकारी जब शबाना के घरवालों को हुई तो उसकी पिटाई कर दी गई। अरविंद से मिलने पर बंदिशें लगा दीं गईं, जिसके बाद शबाना ने घर छोड़ने का फैसला कर लिया। मंगलवार को अरविंद संग वह मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में पंडित केके शंखधार के पास पहुंची। अरविंद के साथ विवाह की बात कही। केके शंखधार ने दोनों के विवाह की रस्म पूरी कराई। शबाना की नई पहचान शिवानी बन गई। उन्होंने कहा कि दोनों लोग बालिग हैं। मर्जी से विवाह किया। किसी की कोई जोर जबरदस्ती नहीं है।