- भाजपा, कांग्रेस और आरएसएस पर भड़के मौलाना तौकीर रजा
जागेश्वर न्यूज नेटवर्क
बरेली। भारत और इंडिया नाम को लेकर छिड़े सियासी घमासान पर आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने भाजपा, कांग्रेस और आरएसएस को निशाने पर लिया है। गुरुवार को प्रेसवार्ता कर मौलाना ने कहा कि हिंदुस्तान के तीन नाम हैं, जो हमेशा रहेंगे। राजनीतिक दल देश के नाम पर राजनीति कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया नाम गुलामी का प्रतीक नहीं है बल्कि राष्ट्रगान गुलामी का प्रतीक है। मौलाना तौकीर रजा खां ने कहा कि राजनीति और वोटों को हासिल करने के लिए देश का कितना बड़ा नुकसान हो जाए, इन राजनीतिक दलों को कोई परवाह नहीं। भाजपा और आरएसएस इंडिया नाम से इतनी खौफजदा हैं कि इंडिया को खत्म करने के लिए तैयार हो गईं। इंडिया को जो खत्म करना चाहता है या कोशिश कर रहा है। वो हमारे देश का दोस्त नहीं हो सकता। तौकीर रजा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए विपक्षी गठबंधन का नाम इंडिया रखा गया है। उन्होंने कहा कि मैंने कांग्रेस के झंडे का भी हमेशा एतराज किया था। जब देश का झंडा तिरंगा है तो कांग्रेस पार्टी को अपना झंडा अलग रखना चाहिए था। इस बार गठबंधन का नाम इंडिया रखा है, ये सिर्फ राजनीतिक के लिए हैं। कांग्रेस गलत रही है। भाजपा उससे ज्यादा गलत कर रही है। मौलाना ने बताया कि जब भाजपा ने कहा था कि गुलामी के प्रतीक खत्म किए जाएंगे तब मैंने लिखकर दिया था कि गुलामी का प्रतीक तो राष्ट्रगान है। यह बात राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और आरएसएस प्रमुख को भी लिखी। उन्होंने इसका जबाव नहीं दिया। जन गण मन अधिनायक, अधिनायक शब्द किसके लिए इस्तेमाल किया गया है?
उन्होंने कहा कि किंग जार्ज के लिए राष्ट्रगान गाया गया था। यह गुलामी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अगर मुसलमानों से नफरत है तो हिंदू समाज के अच्छे शायर और कवि हैं, उनसे राष्ट्रगान लिखवाया जाए। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के तीन नाम हैं। तीनों रहने चाहिए। इन नामों को खत्म करने की कोशिश का कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
वहीं, दूसरी ओर मौलाना तौकीर रज़ा खान ने कहा कि इस बार बरेली शरीफ मरकज ए अहले सुन्नत से यह ऐलान किया गया है कि 12 रबी उल के जुलूस में डीजे जैसे हाई साउंड सिस्टम का उपयोग न किया जाए।
वहीं सड़क पर नाच-गाने जैसे तमाशों से परहेज किया जाए। उन्होंने कहा कि जुलूस में खास तौर पर डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं बरेली शरीफ मरकज ए अहले सुन्नत की तरफ से साफ निर्देश दिए गए हैं कि जो भी लोग जुलूस में डीजे लेकर आएं, उन्हें शामिल न किया जाए, ऐसे लोगों को बाहर निकाल दिया जाए।

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