भोजीपुरा थाना क्षेत्र में छापामारी के दौरान पकड़ा था अवैध तेल
महीनों बीत जाने के बाद भी नहीं दर्ज कराया मुकदमा, जांच के नाम पर हड़पे पैसे
जागेश्वर न्यूज नेटवर्क
बरेली। जिला पूर्ति विभाग की टीम लगातार जिले में जांच के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न कर उन्हे अपना शिकार बना रही हैं। जिले में बीते कुछ महीनों में कई मामले अब तक सामने आ चुके हैं। जिला पूर्ति विभाग की टीम ने लगभग 10 महीने पहले भोजीपुरा थाना क्षेत्र में एक खेत पर अवैध मशीन लगी हुई पकड़ी थी। जिनको विभाग ने अवैध पंप बताते हुए मशीन में ताला डाल दिया था और वहां मिले तेल को जब्त कर लिया था। लंबा समय बीत जाने के बाद भी विभाग ने खेत मालिक पर आज तक एफआईआर नहीं कराई। वहीं जांच के नाम पर विभाग ने मोटी रकम वसूलकर अवैध कारोबारियों को छोड़ दिया था। इस मामले में पैसे लेने का एक वीडियो भी सामने आया है। विभाग का बाबू वीडियो में पैसे लेता हुआ दिखाई दे रहा है। पैसे लेने के बाद विभाग ने मामले में लीपा पोती कर, मामले को ठंडा बस्ते में डाल दिया हैं। दूसरी ओर जिले में पूर्ति विभाग की टीम के कई कारनामें सामने आए है।जहां जिला पूर्ति विभाग की टीम ने पहुंचकर जांच के नाम पर किसी का गोदाम सील किया तो वही किसी के गोदाम पर ताले डालें और कुछ घंटों की जांच प्रक्रिया के बाद या तो उन तालों की चाबी दे दी गई और जहां सील लगाई गई उसको तोड़ दिया गया। वही इस उत्पीड़न का शिकार हुए कुछ व्यापारियों ने दबी जुबान बताया कि चंद घंटों की जांच प्रक्रिया के दौरान उनसे लाखों रुपए की अवैध वसूली की गई। जिसको वसूलने वाला पूर्ति विभाग का एक बाबू है। वसूली के बाद उन व्यापारियों को क्लीन चिट दे दी गई। आपको बता दें कि पहला मामला बारादरी थाना क्षेत्र का है। जहां एक व्यापारी के गोदाम में भारी मात्रा में चावल भरा हुआ था। वहां पूर्ति विभाग का एक बाबू एक अन्य कर्मचारी को लेकर मौके पर पहुंचा। वहां चावल को सरकारी होना बताकर गोदाम को सील कर दिया और दस्तावेज लेकर कार्यालय आने को कहा वहां पहुंचने के बाद उस बाबू ने व्यापारी से लाखों रुपए की वसूली कर गोदाम की सील खोल दी और उन को क्लीन चिट दे दी। दूसरा मामला कुछ दिनों के बाद इज्जतनगर थाना क्षेत्र में एक गोदाम का है जहां पूर्ति विभाग की टीम ने छापामारी की इस दौरान भारी मात्रा में बताया जाता है कि सरकारी गेहूं चावल के बोरे मिले, मौके पर सरकारी राशन से लगा एक छोटा हाथी भी मिला उसके ड्राइवर से विभाग के उसी बाबू ने पूछताछ की, तो ड्राइवर और बाबू के बीच में बताया जाता है कि झड़प भी हुई। लेकिन उस दौरान ड्राइवर ने बताया कि वह उस सरकारी राशन को मंडी स्थित गोदाम से लेकर आया है। उस गोदाम में पूर्ति विभाग की टीम ताले डालकर चाबी अपने संग ले गई और चंद घंटों के बाद लाखों रुपए की अवैध वसूली करने के बाद वह चाबी गोदाम मालिक को वापस दे दी गई। तीसरा मामला बारादरी थाना क्षेत्र की एक चक्की का बताया जाता है जहां एक ट्रक में चावल के बोरे भरे जा रहे थे वहां देर रात पूर्ति विभाग का बाबू एक अन्य कर्मचारी को लेकर पहुंचा। डरा धमका कर उस व्यापारी से देर रात लाखों रुपए वसूलने के बाद उसको भी क्लीन चिट दे दी गई। हालंकि तीनों ही मामलों में किसी भी व्यापारी ने कहीं शिकायत नहीं की। जिससे कहीं न कहीं यह बात साफ प्रतीत होती है कि व्यापारियों के कारोबार में झोलझाल थी। जिसके चलते पूर्ति विभाग की टीम के पहुंचने के बाद उस बाबू के जरिए मामले को मैनेज किया गया। लेकिन यहां पर वसूली का खेल विभाग में लंबे समय से चल रहा है। बताया जाता है कि विभाग में तैनात एक बाबू जिला पूर्ति अधिकारी के लिए जिलेभर से अवैध वसूली करता है। इसके अलावा भी कई व्यापारियों के पास उस बाबू के उनके गोदामो व अन्य प्रतिष्ठानों पर पहुंचने के सीसीटीवी फुटेज व पैसे मांगने के ऑडियो भी मौजूद हैं।
सत्ताधारी पार्टी में पकड़ रखने वाले अवैध तेल कारोबारी पर डीएसओ मेहरबान
सत्ताधारी पार्टी में मजबूत पकड़ रखने वाले एक अवैध तेल करोबारी पर डीएसओ की मेहरबानी साफ दिखाई देती है। जिले में कई छोटे व्यापारियों पर तो जिला पूर्ति विभाग की टीम ने छापेमारी कर अवैध वसूली की तो कहीं बात न बनने पर अवैध तेल के कारोबार करने वालों पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया। लेकिन वही जिले में सक्रिय एक बड़े तेल कारोबारी पर जिला पूर्ति विभाग ने आज तक न तो छापेमारी की, न कोई सैंपल लिया। जबकि उसे कारोबारी का अवैध तेल का व्यापार उत्तर प्रदेश और बिहार के अलावा अन्य राज्यों में भी है। बताया जाता है कि यह व्यापारी हर महीने सुविधा शुल्क के नाम पर एक मोटी रकम डीएसओ दफ्तर में पहुंचता है।
फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में सक्रिय हुए तेल माफिया
फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में जिले के कुछ अवैध तेल माफिया हाल ही में सक्रिय हुए हैं। बताया जाता है कि यहां पर एक डिपो पर बड़े स्तर पर अवैध तेल का खेल किया जा रहा है। तेल के खेल को करने में पूर्ति विभाग का संरक्षण मिलने की तैयारी चल रही है। विभाग का एक बाबू तेल माफियाओं के संपर्क में है। उस बाबू की तेल माफियाओ से महीनेदरी की बात चल रही है। कुछ रकम का हेर फेर होने के कारण अभी तक बात नहीं बन पाई है। लेकिन तेल माफियाओं ने कुछ ही दिनों में इस क्षेत्र में तेल का बड़ा खेल खेल लिया है। पूर्ति विभाग जांच और छापेमारी केवल छोटे व्यापारियों पर करता है। सुविधा शुल्क देने वाले लोगों को विभाग का खुला संरक्षण रहता है।

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