जागेश्वर न्यूज नेटवर्क 

रिठौरा। भगवान बुद्ध की प्रतिमा हटाने पर प्रशासन और बौद्ध अनुयाइयों के बीच टकराव हो गया। जानकारी के अनुसार थाना इज्जतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम चावड में गुरु अशोक मित्र द्वारा पिछले साल मई के महीने में भगवान बुद्ध की प्रतिमा को स्थापित किया गया था। भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित की गई तक किसी भी गांव वाले ने उसका विरोध नहीं किया। पड़ोस के खेत स्वामी रविंद्र पाल सिंह ने प्रतिमा लगाने का विरोध किया। खेत स्वामी ने का कहना है की प्रतिमा मेरे खेत के सामने लगाई गई है। जबकि बौद्ध अनुयायियों ने बताया कि खेत स्वामी रविंद्र पाल सिंह ने ग्राम समाज की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके उस पर बाउंड्री का निर्माण कराया है। भगवान बुद्ध की प्रतिमा शिव मंदिर के पड़ोस में लगाई गई है जिस पर किसी भी ग्रामीण को कोई आपत्ति नहीं है।ग्रामीण हेतराम बौद्ध ने बताया तहसील प्रशासन की टीम ने आकर भगवान बुद्ध की प्रतिमा को बुलडोजर से हटवा दिया। जैसे ही ग्रामीणों को पता चला तब सभी लोग बुद्धविहार पर उपस्थित हुए और तहसील प्रशासन के कार्य का विरोध किया। भगवान बुद्ध की प्रतिमा पहले से स्थापित है उस पर किसी भी ग्रामीण को कोई आपत्ति नहीं है। खेत स्वामी रविंद्र पाल सिंह ने प्रशासन से गलत शिकायत की है। मुकेश कुमार सागर ने बताया भगवान बुद्ध की प्रतिमा को गुरु अशोक मित्र ने स्थापित किया था जिस पर किसी भी गांव वाले को कोई आपत्ति नहीं थी। प्रशासन की कार्रवाई बुद्ध का अपमान करना है। अमृत लिंगम राव ने बताया प्रशासन को अगर हटाना ही है तो सड़क के किनारे बने अवैध मजारों व मंदिरों को हटवाए। ग्रामीण स्वतंत्र राव सिद्धार्थ ने बताया कि बुद्ध की प्रतिमा से केवल खेत वाले को दिक्कत है और किसी को कोई दिक्कत नहीं है। प्रशासन की कार्रवाई निंदनीय। मौके पर मौजूद कई ग्रामीणों ने बताया कि जैसे ही तहसील प्रशासन की टीम ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा को हटाया वैसे ही तमाम महिलाएं आकर प्रतिमा के आगे लेट गईं और जोर-जोर से नारे लगाने लगीं। महिलाओं ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा को हटाने का विरोध किया तब प्रशासन ने महिलाओं पर पुलिस पर प्रयोग किया लेकिन ग्रामीणों के विरोध के सामने पुलिस प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले वर्ष में अगस्त के महीने में भगवान बुद्ध की प्रतिमा को एक व्यक्ति ने खंडित कर दिया था। तब भी बवाल हुआ था। जिस के संबंध में थाना इज्जत नगर में मुकदमा भी दर्ज हुआ था।