बरेली। फरीदपुर क्षेत्र में जेड गांव के समीप स्थित अशोका फोम फैक्टरी में बुधवार शाम लगी आग के मामले में दूसरे दिन गुरुवार को सुबह सात बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा से शुरू किया गया। नायब तहसीलदार दिव्यांशी सिंह की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। लोहे की चादरों को गैस कटर से काटकर हटाया जा रहा है।
फरीदपुर के मोहल्ला परा निवासी अखिलेश शुक्ला भी इसी फैक्टरी में काम करता था। वह अभी लापता है। अखिलेश शुक्ला के परिजन फैक्टरी परिसर में मौजूद हैं। उन्हें भी आशंका है कि उनके बेटे की मौत हो चुकी है। बता दें कि रात चार शवों के अवशेष मिले थे। तीन लोगों के परिवार ने अपने परिजनों के लापता होने का दावा किया था। माना जा रहा है कि चौथा शव अखिलेश का है। लखनऊ हाईवे के किनारे स्थित अशोका फोम फैक्टरी में बुधवार देर शाम लगी भीषण आग में चार मजदूर जिंदा जल गए। परिजनों के हंगामे के बाद रेस्क्यू में लगी टीमों ने देर रात उनके अवशेष फैक्टरी के अंदर से निकाले। वहीं आग में झुलसे छह मजदूरों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हाईवे किनारे अशोका फोम की चार फैक्टरियां हैं। इनमें से जेड़ गांव के पास एक फैक्टरी में गद्दे के लिए फोम बनाया जाता है। फैक्टरी में शाम करीब सात बजे तेज धमाके के साथ एक हिस्से में आग लग गई थी। इससे लोहे के एंगलों पर टिकी फैक्टरी भवन की छत ढह गई थी। लपटें देखकर कर्मचारियों में भगदड़ मच गई थी। आग की लपटें और धुएं का गुबार कई किमी दूर से दिखाई दिया था। मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों से रात करीब साढ़े नौ बजे आग पर काबू पाया जा सका। देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। इसके बाद सुबह सात बजे दोबारा से रेस्क्यू ऑपरेशन हो गया।

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