प्रतिदिन लग रही लाखों के टैक्स की चपत

जागेश्वर न्यूज संवाददाता

बरेली। बरेली जिले से दिल्ली जयपुर और पंजाब के लिए धड़ल्ले से डग्गामार बसें सड़कों पर दौड़ती हुई नजर आ रही है। दिल्ली के लिए सेटेलाइट बस स्टैंड के आसपास दर्जनों बसें रात आठ बजे के करीब से लगना शुरू हो जाती हैं। जो फुटकर सवारियों को इकट्ठा कर कम किराए के लालच में दिल्ली ले जाती हैं। तो दूसरी ओर चंद कदम आगे बढ़ते ही मधुबन टॉकीज के सामने से और बरेली कॉलेज के मानसिक चिकित्सालय वाले गेट के पास जयपुर के लिए जाने वाली डग्गामार बसें रात्रि आठ बजे के बाद लगना शुरू हो जाती हैं जो देर रात तक वहां सवारियों को इकट्ठा कर कम किराए के लालच में जयपुर ले जाती हैं। डग्गमार बस संचालक एक ओर अनमोल जिंदगियों के साथ तो खिलवाड़ कर ही रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सरकार को भी बड़ा घटा पहुंचा रहे है। डग्गामार बसों से लाखों रुपए का माल इधर से उधर प्रतिदिन किया जाता है। जिसमे अधिकांश माल चोरी कर ले जाया जाता है। वहीं सूत्रों की माने तो इस पूरे खेल के पीछे सारे संबंधित विभागों का संरक्षण डग्गामार बस संचालकों को प्राप्त है। जिसके चलते डग्गामार बस संचालक बेखौफ होकर शहर से अवैध बसों का खुलेआम संचालन कर रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ डग्गामार बसों पर कार्यवाही के दावे तो करते हैं लेकिन धरातल पर याद आवे महज कागजों में ही सिमट कर रह जाते हैं। जब इस मामले में एसपी ट्रैफिक से बात करने की कोशिश की तो वह कही मीटिंग में व्यस्त थे।

टाइगर वाली बस देखकर ही बैठे...

बरेली जिले से होकर संचालित होने वाली डग्गामार बस जो बरेली से प्रतिदिन दिल्ली जाती है उनके विजिटिंग कार्ड पर स्पष्ट लिखा है कि बवाना से पीलीभीत और लखीमपुर के लिए प्रतिदिन बस सर्विस है। पर उन्होंने अपना मार का भी दे रखा है टाइगर जिंदा है। के विजिटिंग कार्ड पर छपा है टाइगर वाली बस देखकर ही बैठे। शिकायत करने के लिए यात्रियों की सुविधा हेतु एक नंबर भी जारी किया गया है। साहिल बस सर्विस के अंतर्गत संचालित की जाती है। जो प्रतिदिन नवाबगंज, हाफिजगंज, रिठौरा, बरेली सेटेलाइट, धनेटा फाटक व मीरगंज के रास्ते सवारी लेते हुए बवाना तक जाती है। 

"डग्गामार बसों पर कार्यवाही की जा रही है। यदि डीएम साहब जिला स्तर पर एक संयुक्त टीम आरटीओ, सेल टैक्स और ट्रैफिक पुलिस की गठित कर दें तो कार्रवाई करने में काफी सुविधा होगी।"

- दिनेश सिंह, आरटीओ, बरेली