जागेश्वर न्यूज नेटवर्क

बरेली। कैंट थाना क्षेत्र में खनन माफिया ने सैकड़ो बीघा जमीन को 20-20 फीट गहरा खोदकर तालाब बना दिया। इतना ही नहीं, खनन माफिया रेलवे की जमीन से भी सैकड़ो ट्रक मिट्टी खोदकर ले गए। खनन माफिया ने रेलवे ट्रैक के किनारे तक खुदाई कर दी। इसके बाद मामला प्रकाश में आने के बाद आरपीएफ, आईओडबल्यू और रेल पथ निरीक्षक को रिपोर्ट भेज कर जांच करवाकर खनन माफियाओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को कहा गया है। क्योंकि बरसात के मौसम में रेल पटरी के किनारे किया गया खनन मुसीबत बन जाएगा। बरसात के मौसम में ट्रैक धसने का डर बना रहेगा। कैंट थाना क्षेत्र के ठिरिया निजावत खां और और रामगंगा के आसपास क्षेत्र में सबसे अधिक मात्रा में खनन होता है। इस क्षेत्र में खनन करने वाले माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है। वह अधिकारियों के सामने शिकायतकर्ताओं से मिलने को तैयार रहते हैं। बताया जाता है कुछ दिन पहले ही एक ऐसा ही मामला सामने आया था। जिसमें डीएम के यहां अवैध खनन की शिकायत की गई थी। शिकायतकर्ताओं ने अवैध खनन करने के कई वीडियो और फोटो भी दिए थे। जब इस मामले में खनन विभाग के अधिकारी मौके पर जांच करने पहुंचे तो वहां अवैध खनन की भी पुष्टि हुई। बताया जाता है कि खनन माफिया शिकायतकर्ताओं से मारपीट को आमादा हो गए थे। 20-20 फीट तक गहरी मिट्टी खोदकर खेतों और ग्राम समाज की जमीन को तालाब बना दिया है। अधिकारी बिना कार्रवाई के ही वापस लौट कर चले गए। इतना ही नहीं उत्तर रेलवे की जमीन से भी सैकड़ो ट्रक मिट्टी चोरी कर ली गई है। रेलवे की जमीन में ट्रैक के किनारे जेसीबी से भी मिट्टी को दी गई है। जैसे ही रेलवे को मामले की जानकारी हुई तो इंजीनियरिंग विभाग और आरपीएफ ने जांच शुरू कर दी। जिनके खेतों से मिट्टी उठाई गई है उनको तलाश किया जा रहा है। जिससे खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई हो सके।

आरपीएफ इंस्पेक्टर मनोज कुमार के मुताबिक इंजीनियरिंग विभाग को खनन के वीडियो और फोटो भेज दिए गए है। आईओडबल्यू और रेल पत्र निरीक्षक अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। उसके बाद खनन माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।