जागेश्वर न्यूज नेटवर्क
बरेली। एसडब्ल्यूसी के रसोईया गोदाम में खाद्यान्न के चोरी पकड़े जाने के बाद मेयर ने एसडब्ल्यूसी के क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाएं है।
मेयर डॉक्टर उमेश गौतम ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि एसडब्ल्यूसी के क्षेत्रीय प्रबंधक एसएन यादव लगभग 4 वर्षों से तैनात है। उन पर समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं से संबंध रखने की बात लिखी है।
आरोप है कि उनके दम पर बरेली मंडल के सभी भंडार गृहों पर सरकारी खाद्यान्न को गलत तरीके से बिकवाने तथा भंडार गृह के स्टाफ के साथ मिलकर निगम के प्रबंध निदेशक के नाम पर जबरन अवैध वसूली करते हैं। जो भंडार गृह प्रभारी उनके अनैतिक कार्य में सहयोग नहीं करता है या असमर्थता व्यक्त करता है तो उसका ट्रांसफर करवा देने व उसके विरुद्ध जांच बैठाने की धमकी देते हैं।
आपको बता दें कि हाल ही में रसोईया गोदाम पर तैनात उनके सजातीय गोदाम प्रभारी दिनेश यादव के द्वारा 105 बोर गेहूं को अवैध तरीके से चोरी कर बेचने के मामले में तूल पकड़ा था।
आरोप है कि उन्होंने पूरे मामले में लीपापोती कर एक कनिष्ठ कर्मचारी मुकेश कुमार को रसोईया गोदाम का प्रभारी बना दिया। उसके बावजूद भी उनके सजातीय दिनेश यादव इस गोदाम पर तैनात हैं और उनकी देखरेख में ही खाद्यान्न का उठान किया जा रहा है।
आरोप है कि पिछले 4 वर्षों में भंडार गृह में गेहूं चावल के भंडारण के दौरान डाले के रूप में भी काफी अवैध वसूली की गई है। जिसके तहत क्षेत्रीय प्रबंधक ने काफी अवैध धन अर्जित किया है। जो इनकी वास्तविक आय से कहीं ज्यादा है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि इस दौरान उनका कई बार बरेली क्षेत्र से बाहर तबादला भी हुआ लेकिन उन्होंने अपनी रसूख के चलते पुनः बरेली क्षेत्र में अपनी तैनाती करा ली।
मेयर डॉ. उमेश गौतम ने उनके ऊपर भ्रष्टाचार कर साम्राज्य बनाए जाने और सरकारी माल बिकवाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने एसएन यादव का तुरंत बरेली मंडल के बाहर तबादला करने का अनुरोध किया है। मेयर ने बताया कि वह भारतीय जनता पार्टी की छवि को धूमिल कर रहे हैं। जबकि सरकार जीरो टॉलरेंस की कार्यशैली पर कार्य कर रही है। वहीं इस मामले एसडब्ल्यूसी के क्षेत्रीय प्रबंधक एसएन यादव से बात करने के लिए फोन किया तो बात नही हो सकी।
क्या है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम द्वारा संचालित रसुईया गोदाम से की जा रही राशन की चोरी के मामले में जांच की गई और 105 बोरा राशन चोरी का मामला पकड़ में आ गया। जांच में पाया गया है कि 105 बोरा गेंहू गोदाम में अधिक पाया गया जिसका कोई रिकार्ड नहीं मिला। जांच रिपोर्ट के आधार पर भारतीय खाद्य निगम ने राज्य भंडारण निगम से 1,42,861 रूपये की कटौती कर ली है।
पिछले दिनों वगैर गेट पास के एक ट्रक पर 105 बोरी राशन लादकर गोदाम से बाहर निकालने की तैयारी की जा रही थी। सूचना पर पहुंचे एफसीआई के प्रभारी ओंकार सिंह ने चोरी पकड़ ली। शिकायत एफसीआई के क्षेत्र प्रबंधक सुनील कुमार सुमन तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। आरोपियों ने सारा अनाज गोदाम में उतार कर ट्रक भगा दिया था। मौके पर पहुंची तीन सदस्य जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में 105 बोरी राशन क्षमता से अधिक पाया। जांच रिपोर्ट आने के बाद एफसीआई के मंडलीय प्रबंधक ने यूपी एसडब्लूसी के आरएम एसएन यादव को गोदाम प्रभारी दिनेश यादव आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। अब इसी मामले में राज्य भंडारण निगम से 1,42,861 रूपये की कटौती की गई है। कटौती से एसडब्ल्यूसी में बेचैनी है।

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