राशन चोरी के खेल में गोदाम इंचार्ज, ठेकेदार और राशन माफिया के शामिल होने की आशंका
जागेश्वर न्यूज नेटवर्क
बरेली। राशन चोरी के मामले में एसडब्ल्यूसी, एफसीआई के अधिकारी कर्मचारियों के अलावा एक ट्रांसपोर्टर और नवाबगंज के एक राशन माफिया का नाम चर्चा में है। हाल ही में रसुईया के एसडब्ल्यूसी गोदाम से 105 बोरी राशन की चोरी की जा रही थी जो पकड़ ली गई। बताया जाता है कि अधिकांश गोदामों से राशन चोरी का खेल चल रहा है। ठेकेदार, कर्मचारी और अधिकारियों की मिलीभगत से राशन माफिया करोड़ के राशन की हर माह कालाबाजारी करते हैं। यही वजह है कि जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदकर बैठे है। एसएफसी में काम करने वाले परिवहन हेंडलिंग ठेकेदार अब एसडब्ल्यूसी और एफसीआई में काम कर रहे हैं। वह सभी इस खेल के पुराने खिलाड़ी बताए जाते है। वह फिर इस खेल में शामिल हो गए हैं।सरकार हर गरीब को प्रति माह पांच किलो राशन देती है कि कोई भी भूखे पेट न सोए। लेकिन राशन की कालाबाजारी के चलते यह राशन गरीब तक मुश्किल से चार किलो ही पहुंच पाता है। विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, ट्रांसपोर्टर, ठेकेदार और राशन माफिया मिलकर गरीबों को मिलने वाले राशन को डकार जाते हैं। गोदाम में पड़े अनाज का वजन बढ़ाने को पानी का छिड़काव करते हैं। हर बोरी से 5 किलो राशन चोरी कर खुले बाजार में बेंच देते हैं। करीब तीन साल पहले परसाखेड़ा में एक ईंट भट्ठे पर राशन की गाड़ी में पानी का छिड़काव करने का मामला सामने आया था। मामला पकड़ में आने के बाद हो हल्ला मचा, इसके बाद विभाग की खूब किकरी हुई थी। इस मामले में गोरखपुर की एक फर्म के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। जानकार बताते हैं कि राशन के गोदाम में पानी का छिड़काव कर वजन बढ़ाने के खेल में एफसीआई व एसडब्ल्यूसी और परिवहन हैंडलिंग ठेकेदार की लेबर और कांटे वाला भी शामिल रहता है।
आपको बता दे कि एसडब्ल्यूसी के गोदाम से 105 कट्टे राशन लेकर बिना कागज के निकल रही गाड़ी को एफसीआई के डिपो मैनेजर ओमकार सिंह ने पकड़ लिया। जिसके बाद ठेकेदार की गाड़ी राशन उतारकर भाग गई। ऐसे में सवाल उठता है कि एफसीआई ने सिर्फ गोदाम इंचार्ज को हटाने और एफआईआर दर्ज कराने की बात क्यों कही? एफसीआई ने मामले में शामिल ठेकेदार और उसकी गाड़ी के खिलाफ चोरी में शामिल होने का मामला दर्ज क्यों नही कराया।
राशन कालाबाजारी के आरोपी में दहशत
राशन की चोरी पकड़े जाने के बाद कालाबाजारी के आरोपियों में खुलेआम दहशत देखी गई। एसडब्ल्यूसी गोदाम इंचार्ज दिनेश यादव, नवाबगंज का राशन माफिया और ठेकेदारों की दिन भर मीटिंग हुई। सूत्रों की माने तो इस खेल में पड़ोस के जिले का एक परिवहन हेंडलिंग ठेकेदार शामिल है। राशन खरीद का काम नबाबगंज का एक माफिया करता है। उसकी गाड़ी से राशन का चना मंडी से भी जा रहा था। जिसकी सप्लाई नेफेड को देनी थी, उसकी पैकिंग राशन माफिया ने ठेकेदार के साथ मिलकर की थी। इस मामले का भंडाफोड़ मंडी समिति के गोदाम में हुआ था। हाल ही में सिंगल स्टेज डिलीवरी के टेंडर पड़ने है इसके चलते ठेकेदार दहशत में हैं। पड़ोस के जिले का राशन हेंडलिंग परिवहन ठेकेदार एसएफसी में काम करने के दौरान सदर तहसील और भुता गोदाम पर भी गड़बड़ी के मामले में चर्चा में रहा है।
एमडी तक पहुंचा राशन चोरी का मामला
एसडबल्यूसी के गोदाम से राशन की चोरी का मामला अब एमडी आरबी गुप्ता तक पहुंच गया है। उन्होंने इस पूरे मामले की रिपोर्ट आरएम एसएन यादव से तीन दिन में तलब की है। इसके बाद रसुईया गोदाम के ठेकेदार मैसर्स रूपचंद ने वहां अपनी लेबर को बदल दिया है। एसडब्ल्यूसी के डिपो प्रभारी दिनेश यादव को बचाने के लिया यह खेल चल रहा है। जबकि दिनेश यादव करीब चार साल से वहां तैनात हैं।

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