घायल और गंभीर मरीजों के बदले एंबुलेंस चालकों को अस्पतालों से मिलता कमीशन
जागेश्वर न्यूज नेटवर्क
बरेली। शहर के तमाम अस्पतालों में एंबुलेंस चालकों को मरीज के बदले कमीशन देने का बड़ा खेल चल रहा है। शहर के तमाम अस्पतालों में अन्य जिलों से भी गंभीर मरीजों को लाकर भर्ती कराया जाता है। इसके बदले एंबुलेंस चालक को अच्छा खासा कमीशन दिया जाता है। उसके बाद यह निजी अस्पताल मरीज की जेब पर डंका डालना शुरू कर देते हैं। कमीशन के चक्कर में मरीज को उस निजी अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस चालक तेज रफ्तार से अपनी और मरीज की जान की परवाह किए बगैर एंबुलेंस को सड़कों पर दौड़ते हैं। इसके बाद हादसे का शिकार हुआ व्यक्ति इन एंबुलेंस चालकों की वजह से पुनः हादसे का शिकार हो जाता है।
ऐसा ही एक मामला रविवार की देर रात बदायूं रोड पर देखने को मिला। जहां तेज रफ्तार दौड़ रही एक एंबुलेंस अपने आप सड़क पर पलट गई। जानकारी के मुताबिक सुभाष नगर थाना क्षेत्र की रामगंगा चौकी पर खड़ी एम्बुलेंस रामगंगा चौकी क्षेत्र में ट्रक और बाइक की टक्कर से घायल हुए दो युवकों को लेकर शहर के विनायक हॉस्पिटल जा रही थी। बदायूं रोड पर रामगंगा हॉस्पिटल के सामने अनियंत्रित होकर पलट गई। घटना की सूचना पर मौके पर पुलिस भी पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एंबुलेंस का चालक शराब के नशे में धुत था। जो कमीशन की खातिर रामगंगा चौकी क्षेत्र में घायल हुए युवकों को लेकर शहर के विनायक हॉस्पिटल जा रहा था। जिसकी दूरी घटना स्थल से तकरीबन 10 किलोमीटर होगी। जबकि घटनास्थल के आसपास क्षेत्र में सुभाषनगर रोड और लाल फाटक रोड पर तमाम ऐसे अस्पताल है जहां घायलों को उपचार मिल सकता था। लेकिन एंबुलेंस चालक को शायद उन अस्पतालों से कमीशन नहीं मिलता।
शराब के नशे में धुत एम्बुलेंस चालक ने घायलों पर ही आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने एंबुलेंस चलाते वक्त उसकी गर्दन मरोड़ दी थी। जिसके चलते एंबुलेंस अनियंत्रित होकर पलट गई। यदि एंबुलेंस चालक की माने तो हो सकता है घायल और एंबुलेंस चालक के बीच विनायक अस्पताल में जाने को लेकर किसी बात को वाद विवाद हुआ हो जिसके चलते ऐसा हुआ हो, यदि जानकारो की माने तो ड्राइवर और मरीज के बीच में एंबुलेंस में पार्टीशन होता है। ऐसे में मरीज का ड्राइवर तक पहुंच पाना संभव नहीं है।
अस्पतालों में मरीजों को बेचने का बड़ा रैकेट जिले में सक्रिय
शहर के कई निजी अस्पताल अन्य जिलों से मरीज को लाने वाली एंबुलेंस को 10 से 15 हजार रुपए तक कमीशन देते हैं। शहर के कई निजी अस्पतालों में शाहजहांपुर और पीलीभीत से मरीज लाए जाते हैं। बताया तो यह जाता है कि इन मरीजों को बरेली के अस्पतालों में भेजने के बदले वहां के कुछ सरकारी और गैर सरकारी डॉक्टरों को भी इसके बदले कमीशन दिया जाता है। कई एंबुलेंस चालकों ने बताया की शहर के कई निजी अस्पताल हैं जहां वह मरीज को छोड़ते हैं उसके बदले उन्हें कमीशन मिलता है। बताया जाता है कि सड़क हादसे में घायल हुए मरीज को सीधे ही निजी अस्पताल पहुंचा दिया जाता है। या फिर रास्ते में भी सरकारी एंबुलेंस से प्राइवेट एंबुलेंस में शिफ्ट कर निजी अस्पताल पहुंचाया दिया जाता। जिन निजी अस्पताल संचालकों की पीलीभीत और शाहजहांपुर जिले के सरकारी डॉक्टर से भी सांठगांठ है। वह सरकारी अस्पताल पहुंचे घायल मरीजों को गंभीर बताकर शहर के कुछ निजी अस्पतालों में भेज देते है। जिले में एंबुलेंस चालकों के द्वारा अस्पतालों को मरीज बेचने का यह बड़ा रैकेट सक्रिय है।

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