जागेश्वर न्यूज नेटवर्क

बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र के मिनी बायपास इलाके में सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी करने का एक मामला हाल ही में सामने आया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार इज्जतनगर थाना क्षेत्र के एक गोदाम में भारी मात्रा में सरकारी खाद्यान्न से भरे कट्टे रखे होने की सूचना जिला पूर्ति अधिकारी को मिली थी। बताया जाता है सूचना पर जिला पूर्ति अधिकारी ने एक टीम गठित कर मौके पर विभाग के एक बाबू व एक महिला कर्मचारी सहित तीन लोगों को मौके पर भेजा था। सूचना पर पहुंची टीम को मौके पर भारी मात्रा में सरकारी खाद्यान्न से भरे कट्टे मिले थे। भारी मात्रा में मिले सरकारी खाद्यान्न को कालाबाजारी करने के लिए रखा गया था। मौके पर सरकारी खाद्यान्न से भरी एक गाड़ी भी टीम को मिली थी। बताया जाता है कि सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी करने वालों में कई सफेदपोश भी शामिल थे। गोदाम पर छापेमारी की सूचना मिलने पर लग्जरी कार से खाद्यान्न की कालाबाजारी करने वाले माफिया मौके पर पहुंचे थे। विभागीय सूत्रों की माने तो मौके पर मौजूद विभाग के बाबू की, वहां सरकारी खाद्यान्न लेकर पहुंची गाड़ी के ड्राइवर से किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। विभागीय सूत्र बताते हैं कि पूरे मामले में मौके पर मौजूद महिला कर्मचारी ने पूरे घटनाक्रम की फर्द भी तैयार की थी। जिसके बाद बाबू ने सरकारी खाद्यान्न से भरे गोदाम में ताले डाल दिए और चाबी साथ लेकर चले गए। विभागीय सूत्र बताते हैं उसके बाद बाबू ने कालाबाजारी करने वालों के साथ सौदेबाजी की, और लाखों रुपए की वसूली करने के बाद कालाबाजारी करने वाले माफियाओ को उन तालों की चाबी वापस कर दी। इसी घटनाक्रम के दौरान एक लग्जरी कार जिसमें कालाबाजारी करने वाले माफिया भी मौजूद थे वह चौकी चौराहा से पोस्टमार्टम हाउस जाने वाले रोड पर देखी गई थी। विभागीय सूत्रों की माने तो कालाबाजारी करने वालो को विभाग से मैनेजमेंट करने के लिए एक दलाल का सहारा लेना पड़ा था। जो कि विभाग के बाबू का खास है। 

वहीं, आपको बता दें कि जिला पूर्ति विभाग में भ्रष्टाचार की जड़े इस कदर फैल चुकी है। जिले भर में विभागीय टीम कार्रवाई के नाम पर केवल वसूली का खेल करती है। उसके बाद माफियाओं को क्लीन चिट देने के साथ संरक्षण भी दिया जाता है।