जागेश्वर न्यूज नेटवर्क

बरेली। फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़े एक गोदाम में विभागीय सांठगांठ के बाद माफियाओं ने अवैध तेल का खेल शुरू कर दिया है। विश्वसनीय विभागीय सूत्र के अनुसार लंबे समय तक चली उठा पटक के बाद तेल माफियाओं की महीनेदारी जिला पूर्ति विभाग से तय हो गई है। जिसके बाद तेल माफियाओं ने अवैध तेल का खेल खुलेआम शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि दो माफियाओं के बीच आपसी मनमुटाव के बाद एक तेल माफिया ने कुछ अन्य लोगों को साथ में लेकर थाना फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में वर्षो से बंद पड़े एक गोदाम में अवैध तेल का भंडारण कर बरेली जिले के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों व बिहार तक सप्लाई देना शुरू कर दी है। बताया जाता है कि तमाम फर्जी बिलों पर इस तेल को अन्य राज्यों से बरेली में लाकर भंडारण किया जाता है। फिर रात-वेरात फर्जी बिल या अन्य किसी बिल पर इस मिलावटी डीजल पेट्रोल को बेचा जाता है। जबकि इन अवैध तेल के भंडारण करने वाले माफियाओं पर किसी तरह का कोई लाइसेंस नहीं है। सुरक्षा के मानकों की यदि बात करें तो वह भी नहीं है। माफियाओं को विभागीय संरक्षण मिलने के बाद अवैध तेल के खेल में तेजी आ गई है। 

माफिया के कई लोग है पार्टनर

पहले जिले में दो लोग साझेदारी में इस अवैध तेल का बड़ा कारोबार करते थे। चंद दिनों में दोनों ने अवैध तेल से बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया। उसके बाद दोनों अलग-अलग अवैध तेल के कारोबार को करने लगे। हाल ही में फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में जो माफिया अवैध तेल के कारोबार में सक्रिय हुआ है। बताया जाता है उसके इस काम में कई पार्टनर है। अन्य राज्यों से भारी मात्रा में अवैध तेल को बरेली लाया जाता है। माफिया इस अवैध तेल के खेल में काफी पुराना और माहिर खिलाड़ी बताया जाता है। 

आखिर माफियाओं पर कार्रवाई से क्यों कतराता है विभाग

जिला पूर्ति विभाग माफियाओं पर कार्रवाई करने में हमेशा पीछे रहा है। एक विभागीय सूत्र की माने तो जिले भर में अवैध खाद्यान्न या अवैध तेल के कारोबार करने वाले जितने भी बड़े खिलाड़ी हैं। वह हर महीने साहब के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। बताया जाता है इसीलिए छोटे व्यापारियों पर चाबुक चलाकर कार्यवाही की भेंट चढ़ा दिया जाता है और बड़े खिलाड़ियों और माफियाओं को हर महीने दरबार में हाजिरी लगाने के बदले लगातार जीवनदान का आशीर्वाद मिलता रहता है।