जागेश्वर न्यूज नेटवर्क

बरेली। निकाय चुनाव हुए दो सप्ताह हो चुके हैं, लेकिन अब तक कई प्रत्याशियों ने चुनाव में हुए खर्च का हिसाब नहीं दिया है। इस बाबत रिटर्निंग ऑफिसर प्रत्याशियों को नोटिस जारी कर रहे हैं। मुख्य कोषाधिकारी ने खर्च का सत्यापन कराने के लिए अंतिम समय सीमा तय कर दी है। यदि इस पर भी प्रत्याशी सत्यापन नहीं कराते हैं तो उनके खिलाफ आयोग के स्तर से कार्रवाई तय मानी जा रही है। जिले में 11 मई को महापौर, पार्षद, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत अध्यक्ष और वार्ड सदस्यों के लिए मतदान हुआ था। 13 मई को परिणाम सामने आ गए। इससे पहले नामांकन प्रक्रिया 17 अप्रैल से शुरू हो गई थी। सभी प्रत्याशियों के खर्च की सीमा आयोग से निर्धारित थी। चुनाव जीतने के दो सप्ताह बाद भी प्रत्याशियों ने अपने चुनाव में हुए खर्च का ब्यौरा कोषागार में उपलब्ध नहीं कराया है। नगर अध्यक्ष पद के 203 प्रत्याशी में से सिर्फ 93, वार्ड मेंबर के 1007 प्रत्याशियों में से 339, महापौर के 13 प्रत्याशियों में से 2, पार्षद के 519 प्रत्याशियों में से 207 प्रत्याशियों ने ही अपनी जांच कराई है। वहीं, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष के 43 प्रत्याशियों में से 37, वार्ड सदस्यों के 490 प्रत्याशियों में से 129 ने अपने अभिलेखों की जांच कराई है।

मुख्य कोषाधिकारी पारसनाथ गुप्ता ने सभी प्रत्याशी को नोटिस जारी करने को कहा है। इन्होंने खर्च की जांच के लिए 6, 7, 8 जून को कोषागार में मौजूद होकर परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। खर्च का सत्यापन नहीं कराने पर राज्‍य निर्वाचन आयोग के आदेश पर प्रत्याशी की जमानत जब्‍त करते हुए कार्रवाई की जाएगी। इस पर अधिकारियों ने इससे पहले नोटिस भेजकर सभी प्रत्याशियों को एक और मौका दिया है। चेतावनी भी दी है कि इस बार सत्यापन नहीं कराने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।