जागेश्वर न्यूज नेटवर्क 

बरेली। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) से आपूर्ति शुरू होने के दो माह बाद ही रोडवेज में लाखों की डीजल चोरी पकड़ी गई है। टैंकर में बाईपास टैंक लगाकर डीजल चोरी की जा रही थी। रोडवेज के अधिकारियों की सूचना पर पहुंची आईओसी की टीम ने मामले की पड़ताल के साथ ही बरेली डिपो के फोरमैन और डीजल पंप प्रभारी से पूछताछ भी की। देर रात तक मामले में जांच जारी थी।

रोडवेज के लिए डीजल की आपूर्ति आईओसी के आंवला डिपो से होती है। आंवला डिपो से बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी का डीजल टैंकर यूपी 37 टी 0486 (क्षमता 20 हजार लीटर) सोमवार शाम बरेली डिपो के डीजल पंप के लिए रवाना हुआ था। मंगलवार सुबह डीजल पंप पर टैंकर को अनलोड किया जा रहा था। यहां डीजल पंप प्रभारी अजीम बख्शी और डिपो के फोरमैन राकेश भी मौजूद थे। टैंकर करीब आधा खाली हुआ था। इसी दौरान टैंकर में लगे बाईपास टैंक से डीजल का रिसाव होने लगा। देखने पर पता लगा कि टैंकर से एक पाइप बाईपास टैंक में आया है। टैंक खुला होने के कारण उससे रिसाव शुरू हो गया था। रिसाव वाले स्थान पर ड्रम रखा गया तो उसमें 150 लीटर से ज्यादा डीजल एकत्र हो गया। इस दौरान मौका पाकर टैंकर चालक धनपाल वहां से चला गया।

डिपो के कर्मचारियों ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद आईओसी को सूचित किया गया। आईओसी के अधिकारी ऋषभ कुमार और सुशांत सिंह भी बरेली पहुंच गए। उन्होंने टैंकर का जायजा लिया। इसके बाद फोरमैन और डीजल पंप प्रभारी से पूछताछ की। अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि इस टैंकर से बरेली डिपो के डीजल पंप पर कितनी बार डीजल भेजा गया। देर रात तक अधिकारी पड़ताल में जुटे थे। अनुमान है कि डीजल चोरी लाखों में हो सकती है।

बरेली डिपो के एआरएम संजय श्रीवास्तव ने बताया कि आईओसी के आंवला डिपो से आने वाले डीजल टैंकर में ही बाईपास टैंक और पाइप लगा हुआ था। इसी के जरिये चोरी की जा रही थी। आईओसी को कार्रवाई के लिए लिखा गया है। रोडवेज की ओर से भी मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। आईओसी की टीम फिलहाल जांच कर रही है। डीजल टैंकर के संबंध में रिकाॅर्ड खंगाले जा रहे हैं। अब तक कितनी चोरी हुई, जांच के बाद ही इसका आकलन किया जा सकता है।