बरेली। प्रयागराज कोर्ट से बरी होकर पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ मंगलवार आधी रात के बाद सघन सुरक्षा के बीच केंद्रीय जेल टू पहुंच गया। इससे पहले उसने सीतापुर में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि उसका रोजा है। उसे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, बाकी केस में भी उसे बरी किया जाएगा।
अशरफ को सोमवार सुबह नौ बजे बरेली जेल से प्रयागराज पुलिस अपने साथ ले गई थी। वहां भाई अतीक अहमद के साथ उसे कोर्ट में पेश किया गया। उमेश पाल अपहरण कांड में अतीक को उम्रकैद की सजा हुई तो अशरफ को बरी कर दिया गया। इसके बाद पुलिस की टीम अशरफ को साथ लेकर बरेली के लिए रवाना हो गई।
प्रयागराज पुलिस के वज्र वाहन से अशरफ को बरेली लाया गया। उसके साथ प्रयागराज पुलिस की कई गाड़ियां चल रही थीं। बरेली पुलिस के संबंधित थानों की पुलिस इस काफिले को फॉलो कर रही थी। अशरफ के आने पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला व जेल स्टाफ ने बिथरी पुलिस की मदद से उसे उसकी बैरक में पहुंचाया।
फिलहाल जेल में रहेगा अशरफ
प्रयागराज में एक केस से बरी होने के बाद भी अशरफ का ठिकाना फिलहाल जेल ही रहेगा। सूत्रों के मुताबिक अशरफ के खिलाफ अब तक 50 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से करीब 24 में सुनवाई चल रही है। हालांकि किसी मामले में उसे सजा नहीं हुई है। सभी विचाराधीन हैं। इनमें से दो या तीन मामलों में अशरफ का वारंट भी नैनी जेल से बरेली जेल को मिला था। 11 जुलाई 2020 में वह यहां दाखिल हुआ था। इस लिहाज से एक मामले में बरी होने के बाद भी उसे जेल से आजादी मिलने के आसार नहीं हैं।
दो सप्ताह में निपटा दिया जाऊंगा: अशरफमंगलवार रात डेढ़ बजे बरेली केंद्रीय जेल टू में दाखिल हुए अशरफ ने मीडिया से बात की। कहा कि एक अधिकारी ने उसे धमकी दी है कि अभी बच गए हो, जेल से दो सप्ताह बाद निकालकर उसकी हत्या कर दी जाएगी। अशरफ ने कहा कि ऐसा हुआ तो उस अधिकारी का नाम लिखा मेरा बंद लिफाफा सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश और मुख्यमंत्री के सामने खुलेगा। जेल गेट में दाखिल होने से पहले पुलिस के वज्र वाहन में बैठे अशरफ ने मीडिया से लंबी बात की और कई सवालों के जवाब दिए।
जब उससे पूछा गया कि 11 फरवरी को उससे कौन लोग मिलने आए थे तो उसने कहा कि जेल में जब कोई मिलने आता है तो एलआईयू के लोग सामने बैठते हैं और सीसीटीवी कैमरे लगे रहते हैं। ऐसे में कौन क्या योजना बना सकता है। कहा कि हाईकोर्ट का आदेश है कि किसी भी केस की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कराई जा सकती है फिर भी मुझे और मेरे भाई को जेल से निकाला गया। कहा कि यह भी आदेश है कि जेल से बाहर निकालते वक्त मेरा वकील मेरे साथ हो पर यहां देख लीजिए कोई वकील नहीं है।
पानी पीकर रोजा खोला है: अशरफ
जब सफर के बारे में पूछा गया तो अशरफ ने कहा कि मेरा रोजा है। पानी पीकर रोजा खोला है। एक बिस्किट भी नहीं मिला है। अशरफ से पूछा गया कि अतीक अहमद से उसकी क्या बात हुई तो कहा कि यह हम दो भाइयों के बीच की बात है, आप लोगो को क्या बताएं।
साले सद्दाम का किया बचाव
सद्दाम से मुलाकात के बारे में अशरफ ने सफाई दी कि मैं विधायक रहा हूं, वो मेरा साला है, तमाम लोग मुझसे जुड़े हैं पर मिलना कोई अपराध तो नहीं है। अशरफ ने कहा कि जब उमेश पाल का अपहरण हुआ और जब हत्या हुई, दोनों समय वह जेल में था तो उसने कहां से अपराध कर दिया। वह बरी होकर सामने खड़ा है।
जेल से बाहर जताया खतरा
जेल में हत्या की आशंका को उसने बेबुनियाद बताया। कहा कि जेल में फिलहाल मुझे कोई खतरा नहीं है, जेल के बाहर खतरा है। जब गाड़ी पलटने का सवाल हुआ तो अशरफ ने कहा कि गाड़ी का क्या है, वह तो पंक्चर होकर भी पलट जाती है।

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