बरेली। शासन ने रविवार रात 12 आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए। बरेली के एसएसपी अखिलेश चौरसिया दो माह पहले प्रमोशन पाकर डीआईजी बने थे। शासन ने एसएसपी/ डीआईजी अखिलेश चौरसिया को वाराणसी रेंज में डीआईजी बनाया है। जबकि 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रभाकर चौधरी को बरेली में एसएसपी की जिम्मेदारी सौंपी थी। प्रभाकर चौधरी 11 वाहिनी पीएसी सीतापुर में कमांडेंट थे, लेकिन वह पिछले माह से बिजनौर में कार्यवाहक कप्तान का चार्ज संभाल रहे थे। 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी अखिलेश चौरसिया मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं। वह सितंबर 2022 में बरेली के एसएसपी बने। साइबर क्राइम पर उन्होंने लगातार बेहतर काम किया। साथ ही थानों में जनसुनवाई के लिए भी अलग से पुलिस डेस्क बनवाई। वह लगातार थानों में जनता की सुनवाई के लिए खुद भी निरीक्षण करते रहे। पिछले माह गौतस्करों पर सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दिन में 120 गौ तस्कर अरेस्ट कराए। अब उन्हें बनारस रेंज की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। वह जनता से मिलनसार छवि में बरेली में लोकप्रिय रहे। यूपी के अंबेडकरनगर के मूल निवासी प्रभाकर चौधरी 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। चार माह पहले 28 नवंबर 2022 को आगरा में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की गई, जिसके बाद प्रभाकर चौधरी को आगरा एसएसपी से सीतापुर पीएसी भेज दिया गया।
अब वह बिजनौर की जिम्मेदारी देख रहे थे। इससे पहले बुलंदशहर में चिंगरावठी हिंसा के दौरान उन्हें वहां एसएसपी बनाया गया। मेरठ में एक साल से ज्यादा एसएसपी रहे थे। मुरादाबाद और बनारस में भी लंबे समय कप्तान रहे हैं। योगी सरकार में ऐसे पहले कप्तान हैं, जिन्होंने पुलिस पर भ्रष्टाचार के सबसे ज्यादा मुकदमे दर्ज किए। यहां तक कि पुलिसकर्मियों को सीधे अरेस्ट कराकर जेल भी भेजा। मेरठ का सोतीगंज वाहन कमेला यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और पंजाब का सबसे बड़ा वाहन कमेला था। जहां 650 दुकान ओर गोदामों पर अलग अलग राज्यों से चोरी और लूट के वाहन 10 मिनट में ही खपा दिए जाते थे। कोई भी अधिकारी इस वाहन कमेले को बंद नहीं करा पाए, प्रभाकर चौधरी ने मेरठ में 400 पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की। सोतीगंज को पूरी तरह से बंद कराने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्हें मंच से सराहा। वह योगी सरकार में ईमानदारी और निष्पक्षता में सबसे भरोसेमंद अफसर माने जाते हैं। यहीं कारण रहा कि मेरठ में कबाड़ियों की 102 करोड़ की संपत्ति जब्त कराई।
प्रभाकर चौधरी के आने से पुलिस में हलचल मचनी शुरू हो जाती है। वह सादा कपड़ों में निजी गाड़ी से शहर में घूमते हैं। जहां किसी भी पुलिसकर्मी को भनक तक नहीं लगती। वह अपना अलग व्हाट्सएप नंबर जारी करते हैं, जो भी शिकायत या वीडियो भ्रष्टाचार से संबंधित मिलती उनकी खुद जांच कराते हैं।
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